Bihar Magazine
दिसम्बर 14, 2009 at 9:47 अपराह्न (Uncategorized)
दिसम्बर 14, 2009 at 9:47 अपराह्न (Uncategorized)
बरबीघी ऐसा देश के लोकतंत्र के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। बरबीघी गांव में मौजूद हजारों लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि राज्य की पूरी कैबिनेट एक गांव में में मौजूद है, लेकिन यह सच था और इसके साथ ही विकास यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इतिहास रच दिया।
इस दौरान कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए। सरकार ने राज्य के 1350 राजकीय, राजकीयकृत व अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों को सरकार ने प्लस टू विद्यालयों में अपग्रेड करने और प्रत्येक अनुमंडल में कम से कम एक अंगीभूत महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। इस दौरान कैबिनेट ने बिहार राज्य पथ विकास निगम और बिहार शहरी विकास आधारभूत संरचना विकास निगम जैसे दो नए निगमों के निर्माण का भी फैसला किया। बेगूसराय को नगर निगम और हिलसा को नगर पंचायत का दर्जा तो मिला ही, साथ ही साथ पटना बाईपास की फोरलेनिंग के लिए114 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि अब 60 मीटर से कम वाले पुलों पर पथकर की वसूली नहीं होगी। देशी चिकित्सकों की रिटायरमेंट सीमा भी बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।
मंगलवार को पटना से करीब डेढ़ सौ किमी. दूर बरबीघी गांव में ढाई घंटे तक चली कैबिनेट की इस बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। कैबिनेट की इस बैठक के लिए तीन वातानुकूलित बसों से मंत्रियों और मुख्य सचिव सहित आला अधिकारी यहां पहुंचे थे। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में पटना से आए मंत्रियों का जगह-जगह स्वागत के कारण विलंब से पहुंचने की वजह से कैबिनेट की बैठक एक घंटे विलंब से दिन में तीन बजे शुरू हुई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्रियों और आला अफसरों को विदा करने के बाद विकास यात्रा के अगले पड़ाव पर खगड़िया के लिए निकल गए।
मंत्रिपरिषद के फैसले की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव गिरीश शंकर ने बताया कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 1350 राजकीय एवं राजकीयकृत तथा अल्पसंख्यक विद्यालयों को प्लस टू में अपग्रेड करने का फैसला किया है। प्रति विद्यालय 39.50 लाख की दर से 538 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शेष बचे 332 विद्यालयों को भी अगले छह महीने में अपग्रेड कर दिया जाएगा। इससे पहले अपग्रेड हुए प्लस टू विद्यालयों में उपस्कर, प्रयोगशाला और पुस्तकालय आदि पर करीब 70 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
सरकार ने राज्य के सभी अनुमंडलों में कम से कम एक अंगीभूत डिग्री कालेज खोलने का भी निर्णय लिया। अभी तक राज्य के 39 अनुमंडल ऐसे थे जहां कोई अंगीभूत डिग्री कालेज नहीं था। वित्ता रहित शिक्षकों के अनुदान की गणना करने की प्रक्रिया भी बदल दी गई। अब दसवीं में पास होने वाले प्रत्येक छात्र की एवज में 3000 रुपए और प्लस टू पास करने वाले प्रत्येक छात्र के लिये 4000 रुपए की दर से गणना करके ऐसे वित्तारहित संस्थानों को भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्र में आधारभूत संरचना जैसे सड़क, ड्रैनेज, जलापूर्ति और पार्क निर्माण को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लि. और सड़क निर्माण के लिए बिहार राज्य पथ विकास निगम बनाने का भी फैसला किया है। विकास आयुक्त दोनों निगमों के अध्यक्ष होंगे।
कैबिनेट ने कोसी पूर्वी एव पश्चिमी तटबंधों को ऊंचा और उसे मजबूत करने तथा उसपर अलकतरा की सड़क बनाने को 340 करोड़,मधुबनी के भूतही बलान नदी के दांए तटबंध को मजबूत करने के लिए 37 करोड़, जहानाबाद के घोषी प्रखंड में फल्गू नदी पर मंडई बीयर निर्माण के लिए 89 करोड़ और पटना बाईपास के फोरलेनिंग को115 करोड़ की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की।
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